सोमवार, 31 मार्च, 2008

हूँ.....लो हो गया एनकाउण्‍टर कर दिया शॉट डेड साले को

हास्‍य/व्‍यंग्‍य

हूँ.....लो हो गया एनकाउण्‍टर कर दिया शॉट डेड साले को

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

शहर ए आजम इन दिनों तफरी पर हैं, उनका स्‍टाफ आजाद इन दिनों पूरी आजादी और लोकतंत्र का आनन्‍द ले रहा है । साहब के कार्यालय में इन दिनों मार्च क्‍लोजिंग चल रहा है, साहब को हुकुम मिला कि बजट पूरा निबटाना है, एक पाई भी सरैण्‍डर नहीं होनी चाहिये । निपटाओं कैसे भी कहीं भी ।

साहब और साहब के सैनिक हर साल कुछ पैसा सरैण्‍डर कर लौटाने के आदी थे और बजट सरैण्‍डर करना तथा पैसा वापस सरकार को भेजना उनकी सालानाचर्या का अहम भाग थी । वे इसे सरकारी पैसे की बचत मानते आये थे । पैसा लौटा कर छाती ठोक के सीना तान के अपनी तारीफ में खुद ही कशीदे बॉंच लिया करते थे ।

अबकी बार ससुरी मुसीबत हो गयी, सब उल्‍टा हो गया गुल गपाड़ा हो गया । ऊपर से आदेश हैं सरैण्‍डर नहीं एनकाउण्‍टर चाहिये, वापसी नहीं उपयोगिता प्रमाण चाहिये ।

रटी रटाई लाइनों पर ट्रेडीशनलीया स्‍टाइल में काम करने वाले सरकारी कार्यालय नये किस्‍म के आदेश से चक्‍कर में पड़ गये । सरकारी बचत की जगह अब सरकारी खपत में सरकारी खुपडि़या दौड़ा दौड़ा कर बेहाल हो गये मगर ससुरा बजट था कि जित्‍ता खर्च करो बढ़ता ही जाता था ।

ऑफिस के बाबूओं के चकरघिन्‍नी हो जाने के बाद भी जब बजट का निकाल ( यह सरकारी शब्‍द है) जब पल्‍ले नहीं पड़ा तो साहब से मार्गदर्शन चाहा गया, साहब ने मोबाइल से मार्गदर्शन दिया, कि पहले लिस्‍ट बना लो कि अपने ऑफिस में क्‍या क्‍या होता है, और उसमें क्‍या क्‍या सामान लगता है या क्‍या क्‍या खर्च होता है फिर उसके सामने खर्चा डालना शुरू करो ।

बाबूओं ने साहब के निर्देशानुसार लिस्‍ट बनाना शुरू की, लिस्‍ट बनी तो ठाकुर साहब द्वारा हवन के लिये लिखाई जाने वाली सूची की तरह बन गयी । अब इस लिस्‍ट में खर्चा डालने का काम शुरू हुआ, सारे खर्चे डालने के बाद भी बजट फिर भी एनकाउण्‍टर नहीं हुआ, फिर सरैण्‍डर हुआ जा रहा था, बाबूओं ने फिर ऊपर से मार्ग दर्शन चाहा, ऊपर से मोबाइल पर आकाशवाणी स्‍टायल में साहब फिर भगवान कृष्‍ण की तरह मुस्‍कराते हुये उवाचे कि ऐसा करो कि मनमानी रकम भर दो, बाबू अर्जुन के मानिन्‍द घिघियाये कि साहब पहले से हम 400 के 3400 और 700 के 70000 लिख लिख कर रखे हैं पर फिर भी साला सरैण्‍डर कर रहा है अब कैसे एनकाउण्‍टर करें ।

साहब ने गीता के सोलहवें अध्‍याय के कृष्‍ण के मानिन्‍द कहा कि आसुरी सम्‍पदा से काम नहीं चल पा रहा तो दैवीय सम्‍पदा भी शामिल कर लो, फिर भी बात न बने तो सत्रहवें अध्‍याय वाले त्रय गुण विभाग कर लो, बाबूओं ने फिर अफसर से मार्गदर्शन चाहा और कहा प्रभो आपकी बातें कुछ समझ नहीं आ पा रहीं, अगर हिन्‍दी में बतायें तो शायद समझ में आ जाये । या फिर मुरैना के अंग्रेजी स्‍कूलों वाली इंग्लिश स्‍टायल में बता दें तो कुछ पल्‍ले पड़ जाये ।

अफसर मोबाइल वाली आकाशवाणी पर फिर कृष्‍ण स्‍टाइल को छोड़ मुरैना के अंग्रेजी स्‍कूलों के टीचर स्‍टाइल में अपनी व्‍याख्‍या सुनाने लगे और बोले, ऐसो करियो जित जित में कोमा लगे होयं तहॉ तहॉं ऐसी ऐसी मद डार दियो तिनके प्रूफ न होतई, और दो चार दिना बाद डिलीट हे जातें । जैसें दीवाल की लिखाई हर महीना के खच्‍च में एण्‍ट्री कर देओ, दीवाल की लिखाई हप्‍ता आठ दिना में मिटरत रही, हम लिखवावत रहे, ऐसेंई लिखीयो हमने भोंपू बजवाये प्रचार के काजें, रिक्‍शान में लाउडस्‍पीकर धरकें बजवाये, गामन में ऐलान करवाये, नास्‍ता फास्‍ता डीजल फीजल सिग डार डूर के देखो अब तिहाई बैलेन्‍स सीट का कहि रही है, फिरऊ बचें तो पेड़ पौधा लगाइबो दिखाय दीयो, कोऊ स्‍पष्‍टीकरण आवे तो कहि दीयो हमने तो लगाये हते, अब गैया भैंसे चर गयीं तो का करें । और बिनकी जाली को खच्‍च डारों तो लिख दीयो के पानी नहीं परो सो सूख साख गये, अबऊ कछु खच्‍च बच परे तो फैक्‍स में और फोनन में दिखाय दीओ, जे सिग कर करू के फिर हमें फोन लगाय लीयो, दूसरे नम्‍बर पे लगईयो, जा नम्‍बर को हम बन्‍द राखेंगे, पबलिक डिस्‍टरब करति है । काऊ को पानी ना आय रहो, काऊ की बिजली नाने तो काऊ की गली में सफाई ना हे रही, अब हम झाड़ू लेके जायें का, सिगुई देस परेसान है, कौन कौन की सुनें सो वा नम्‍बर की सिम खेंच देत हैं ।

बाबूओं ने साहब की समझाइस के अनुसार फिर से बजटिंग का एनकाउण्‍टर करना शुरू किया, फिर भी बजट था कि सरैण्‍डर कर रहा था । हैरान परेसान बाबूओं ने आखिर खेंच के दारू का मद भी चढ़ा दिया, साहब की डेली इत्‍ती, बाबूओं ने इत्‍ती और आने जाने वाले अतिथियों ने इत्‍ती और रोज टाइमपासीयों ने इत्‍ती पी ......। आखिर जब हिसाब लगाया तो अब न केवल बजट एनकाउण्‍टर हो गया बल्कि शॉट डेड हो गया, बल्‍कन ओवर बजट हो गया ।

मार्च क्‍लोजिंग हो गया, अब जब साहब पर्सनल टूर से लौटेंगे तो पीठ ठोकेंगे वाह भई वाह, हूं साला बार बार सरैण्‍डर कर रहा था, कर दिया एनकाउण्‍टर हो गया शॉट डेड । निबट गया गड़रिया की तरह, जादा ही अति धर रखी थी ।

बच्‍चों की परीक्षा, भयानक गर्मी और कुण्‍टलों मच्‍छरों के बीच दिन भर और फिर देर रात तक बिजली गोल

बिजली जिसने बदली थी सरकार, इतिहास दोहरा रहा है फिर वही नजारा

बच्‍चों की परीक्षा, भयानक गर्मी और कुण्‍टलों मच्‍छरों के बीच दिन भर और फिर देर रात तक बिजली गोल

अतर सिंह डण्‍डोतिया (तहसील संवाददाता)

मुरैना 31 मार्च 08, अब इसे आप क्‍या कहेंगे, इजनी बिजली तो उन्‍होंने भी नहीं कभी काटी जिनकी सरकार बदल दी गयी । यह वही बिजली कटौती है, जिसने सरकार बदल कर रातों रात प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सत्‍ता से आउट कर दिग्विजय सिंह को अपदस्‍थ करा दिया था । दिग्विजय सिंह ने कभी इतनी बिजली नहीं काटी जितनी आज कट रही है । कल दिन भर बिजली गोल रहने के साथ आज रात एक बजे तक हर आधा घण्‍टे बीस मिनिट बाद एक एक घण्‍टे के लिये गोल होती रही, भीषण गर्मी भी है, मच्‍छर भी हैं, परीक्षायें भी चल रही हैं, लेकिन बिजली गोल है ।   

दिग्विजय सिंह की बिजली कटौती में यह निर्धारित व घोषित थी और लोगों को पहले से बिजली कटौती के टाइमिंग्‍स पता होते थे, और लोगों को अच्‍छी तरह ज्ञात रहता था कि रात में कब कितने समय सोना है और कब कितने बजे छत व सड़कों पर टहलना है । भीषण्‍ा गर्मी व मच्‍छरों के बीच म.प्र. के लोगों की सन 2003 तक गुजरी रातें, म.प्र. के लोग कभी भूल नहीं पाये, हालांकि चुनाव से दो माह पहले प्रदेश में अपने आप बिजली आ गयी थी और बिजली चाक चौबन्‍द हो गयी थी लेकिन उसके बावजूद जनता ने उन्‍हें अपदस्‍थ कर दिया था ।

आज के हालात व दिग्विजय सिंह के समय के हालातों में फर्क केवल यही है, कि उस समय लोगों को पता होता था कि बिजली कब जायेगी और कब आयेगी, लेकिन अब पता नहीं होता कि कब जायेगी और कब आयेगी । तादाद ए कटौती पहले से आज ज्‍यादा है ।

वही भीषण गर्मी, वही छात्रों की परीक्षायें, वही कुण्‍टलों मच्‍छरों का हमला, वही जनता को न सुनने वाले भ्रष्‍ट अफसर सब कुछ वही, वही पुराने दृश्‍यों को दोहराते हुये इतिहास दोबारा दोहराया जा रहा है । बस फर्क केवल यही है कि केवल सरकारी पार्टी बदल गयी है । सन 2003 के चुनावों में महज तीन माह में बिजली चाक चौबन्‍द करने के वायदे और सत्‍ता में आने के बाद चार माह, छ माह फिर अठारह माह और फिर तीन साल में बिजली चौबीस घण्‍टे अबाध सप्‍लाई की घोषणा करने वाली राजनीतिक पार्टी भाजपा आज की तारीख में तो आउटडेटेड हो ही गयी है, आगे की राम जाने बची खुची जनता जाने ।            

 

बिजली जिसने बदली थी सरकार, इतिहास दोहरा रहा है फिर वही नजारा

बिजली जिसने बदली थी सरकार, इतिहास दोहरा रहा है फिर वही नजारा

बच्‍चों की परीक्षा, भयानक गर्मी और कुण्‍टलों मच्‍छरों के बीच दिन भर और फिर देर रात तक बिजली गोल

अतर सिंह डण्‍डोतिया (तहसील संवाददाता)

मुरैना 31 मार्च 08, अब इसे आप क्‍या कहेंगे, इजनी बिजली तो उन्‍होंने भी नहीं कभी काटी जिनकी सरकार बदल दी गयी । यह वही बिजली कटौती है, जिसने सरकार बदल कर रातों रात प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सत्‍ता से आउट कर दिग्विजय सिंह को अपदस्‍थ करा दिया था । दिग्विजय सिंह ने कभी इतनी बिजली नहीं काटी जितनी आज कट रही है । कल दिन भर बिजली गोल रहने के साथ आज रात एक बजे तक हर आधा घण्‍टे बीस मिनिट बाद एक एक घण्‍टे के लिये गोल होती रही, भीषण गर्मी भी है, मच्‍छर भी हैं, परीक्षायें भी चल रही हैं, लेकिन बिजली गोल है ।   

दिग्विजय सिंह की बिजली कटौती में यह निर्धारित व घोषित थी और लोगों को पहले से बिजली कटौती के टाइमिंग्‍स पता होते थे, और लोगों को अच्‍छी तरह ज्ञात रहता था कि रात में कब कितने समय सोना है और कब कितने बजे छत व सड़कों पर टहलना है । भीषण्‍ा गर्मी व मच्‍छरों के बीच म.प्र. के लोगों की सन 2003 तक गुजरी रातें, म.प्र. के लोग कभी भूल नहीं पाये, हालांकि चुनाव से दो माह पहले प्रदेश में अपने आप बिजली आ गयी थी और बिजली चाक चौबन्‍द हो गयी थी लेकिन उसके बावजूद जनता ने उन्‍हें अपदस्‍थ कर दिया था ।

आज के हालात व दिग्विजय सिंह के समय के हालातों में फर्क केवल यही है, कि उस समय लोगों को पता होता था कि बिजली कब जायेगी और कब आयेगी, लेकिन अब पता नहीं होता कि कब जायेगी और कब आयेगी । तादाद ए कटौती पहले से आज ज्‍यादा है ।

वही भीषण गर्मी, वही छात्रों की परीक्षायें, वही कुण्‍टलों मच्‍छरों का हमला, वही जनता को न सुनने वाले भ्रष्‍ट अफसर सब कुछ वही, वही पुराने दृश्‍यों को दोहराते हुये इतिहास दोबारा दोहराया जा रहा है । बस फर्क केवल यही है कि केवल सरकारी पार्टी बदल गयी है । सन 2003 के चुनावों में महज तीन माह में बिजली चाक चौबन्‍द करने के वायदे और सत्‍ता में आने के बाद चार माह, छ माह फिर अठारह माह और फिर तीन साल में बिजली चौबीस घण्‍टे अबाध सप्‍लाई की घोषणा करने वाली राजनीतिक पार्टी भाजपा आज की तारीख में तो आउटडेटेड हो ही गयी है, आगे की राम जाने बची खुची जनता जाने ।            

 

गरज चमक के साथ गिरा पानी, गर्मी से हल्‍की राहत किसान की मुसीबत

गरज चमक के साथ गिरा पानी, गर्मी से हल्‍की राहत किसान की मुसीबत

अतर सिंह डण्‍डोतिया (तहसील संवाददाता)

मुरैना 31 मार्च 08 कल शाम बादलों की भारी गरज और बिजली की भारी चमक के बीच पानी बरसा । हालांकि बरसात अधिक देर तक नहीं हुयी और आवेग भी अधिक तेज नहीं था, लेकिन गर्मी के अभिमान को दबाने में कामयाब हुयी और बरसात के बाद गर्मी व मच्‍छरों से जूझ रहे बिजली कटौती में ब्‍लडप्रेशर व हार्ट अटैक जैसी व्‍याधियों से परेशान लोगों को ठण्‍डी हवाओं ने काफी राहत व सूकून दिया । रात भर चली ठण्‍डी हवायें लोगों को तरोताजा कर गयीं वहीं आज सुबह बच्‍चों की हाईस्‍कूल परीक्षा का अंतिम पर्चा भी है । बच्‍चों को भी ठण्‍डक ने पढ़ाई में मदद की । हालांकि पूरे दिन हुयी बिजली कटौती के बाद देर रात एक बजे तक हर आधा घण्‍टे बाद, बीस मिनिट बाद एक एक घण्‍टे के लिये कटी बिजली ने जहॉं आम जनता को परेशान रखा वहीं बच्‍चों के रिवीजन में भी वे बेहाल हो गये ।

दूसरी ओर किसानों के चेहरों पर अचानक बरसात आने से हवाईयां उड़ने लगीं हैं, उनकी फसल इस समय खलिहानों और थ्रेशरों पर पड़ी है कई जगह तो अभी कटाई जारी है । ऐसे में आंधी पानी उनकी फसल को पूरी तरह नष्‍ट कर देगा । जबकि पहले से ही अंचल में बरसात न होने, नहर से सिचाई का पानी न मिल पाने और अन्‍धाधुन्‍ध बिजली कटौती के चलते वह अपनी फसल इस साल पूरी नहीं कर पाया है और जैसे तैसे जो चन्‍द फसल राशि सामने आ भी गयी है वह आंधी पानी के खतरे में है ।  

 

बुधवार, 26 मार्च, 2008

बीच शहर में दो को गोली मारी, बका मार कर भी किया व्‍यापारीयों को घायल

बीच शहर में दो को गोली मारी, बका मार कर भी किया व्‍यापारीयों को घायल

व्‍यापारीयों में भारी आक्रोश, शहर में फैला आतंक

Atar Singh Dandotiya, Tehsil Sanvadddata Morena  

मुरैना 26 मार्च 08, अभी समाचार लिखे जाने से दो घण्‍टे पहले शाम लगभग 6:15 बजे बीच मुरैना शहर में गांधी औषधालय के सामने स्थित एक मोबाइल आयल एजेन्‍सी की दूकान पर दो अज्ञात व्‍यक्तियों ने हमला कर दूकान के मालिक सुरेश चन्‍द्र गुप्‍ता पुत्र फतेहचन्‍द्र गुप्‍ता तथा अमित गुप्‍ता पुत्र सुरेश चन्‍द्र गुप्‍ता को गोली मार दी तथा बका से हमला कर घायल कर दिया ।

घटना में सुरेश चन्‍द्र गुप्‍ता को गोली के छर्रे लगने से तथा अमित गुप्‍ता को सिर में बका लगने से घायल होने पर गंभीर अवस्‍था में मुरैना जिला चिकित्‍सालय में भर्ती कराया गया । दोनों की हालत अब खतरे से बाहर है । घायलों के घर में ही उनकी दूकान है ।

घटना के कारण ज्ञात नहीं हो सके हैं, अमित गुप्‍ता ने इस संवाददाता को बताया कि उसे कतई नहीं मालुम कि हमलावर कौन थे और उन्‍होंने हमला क्‍यों किया ।  

घटना से व्‍यापारी भारी आक्रोश व गुस्‍से में हैं तथा ऐसी घटना से शहर में भारी आतंक फैल गया है ।

 

    

शिक्षा विभाग ने प्रायवेट स्‍कूलों को हड़काया - शासकीय मान्यता हेतु शुल्क 26 मार्च तक जमा कराएं

शिक्षा विभाग ने प्रायवेट स्‍कूलों को हड़काया - शासकीय मान्यता हेतु शुल्क 26 मार्च तक जमा कराएं

गैर मदीय फर्जी शुल्‍क जमा कराना जरूरी, वर्ष 2001 से अब तक करोड़ों वसूल चुका है शिक्षा विभाग बिना किसी मद के

करोड़ों की अंधेरगर्दी और घोटाले का पर्दाफाश पर विशेष आलेख ग्‍वालियर टाइम्‍स प्रकाशित करेगी (कृपया प्रतीक्षा करें)

मुरैना 25 मार्च 08/ जिला शिक्षा अधिकारी श्री सी.एम. उपाध्याय की जानकारी के अनुसार अशासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की सत्र 2008-09 के लिए मान्यता हेतु निरीक्षण प्रतिवेदन माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल को भेजा जाना है । लेकिन कतिपय विद्यालयों द्वारा विभागीय शुल्क जेसे क्रीड़ा, पर्यावरण, रेडक्रॉस, स्काउट- गाइड आदि शुल्क जमा नहीं किया है अथवा 75 प्रतिशत से कम जमा किया गया है । कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देशों के अनुसार उक्त शुल्कों की कम से कम 75 प्रतिशत राशि 26 मार्च, 2008 तक जमा कराना अनिवार्य है । इसके अभाव में निरीक्षण प्रतिवेदन विपरीत टीप अंकित कर माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल की ओर भेज दिए जाएंगे ।

 

मजदूरी का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से होगा

मजदूरी का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से होगा

 

मुरैना 25 मार्च 08/ राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी स्कीम मध्यप्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान बैंक एकाउन्ट के माध्यम से किया जायेगा ।

              कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि मजदूरों को नकद मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में नहीं किया जायेगा । निर्माण एजेन्सी द्वारा मजदूरों के नाम से एकाउंट पेई चैक से मजदूरी का भुगतान किया जायेगा । संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच और निर्माण एजेंसी खाता खुलवाने में मजदूरों और बैंक को आवश्यक सहयोग देंगे । खाता शून्य राशि से खोला जायेगा । सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को भी खाता खोलने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है । मजदूरों को मजदूरी का भुगतान बैंक एडवाइस के माध्यम से किया जायेगा । सभी बैंकों के जिला समन्वयक प्रत्येक माह के अंत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को खोले गये खातों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करायेगें । खाता नहीं खुलने तथा समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं होने की स्थिति में दोषी अधिकारी व कर्मचारी के विरूध्द नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी ।

 

वाणिज्‍य विभाग में पदोन्नतियां

वाणिज्‍य विभाग में पदोन्नतियां

राज्य शासन ने पांच वाणिज्य कर निरीक्षकों को सहायक वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया है। इन पदोन्नत अधिकारियों की नवीन पदस्थापना भी की गई है।

शासन द्वारा जारी पदोन्नति आदेश के अनुसार वाणिज्य कर निरीक्षक श्री बहादुर सिंह ठाकुर को नौगाँव वृत्त से सहायक वाणिज्य कर अधिकारी जबलपुर वृत्त-3, श्री प्रेमनारायण कछावा ग्वालियर वृत्त-3 को सहायक वाणिज्य कर अधिकारी मुरैना वृत्त-1, श्री कैलाश चन्द्र माहेश्वरी इंदौर वृत्त-9 को सहायक वाणिज्य कर अधिकारी इंदौर वृत्त-8, श्री श्यामलाल पुरोहित इंदौर वृत्त-8 को सहायक वाणिज्य कर अधिकारी धार वृत्त-2 तथा वाणिज्य कर निरीक्षक श्री रमेश चन्द्र जैन इंदौर वृत्त-11 को पदोन्नति के पश्चात सहायक वाणिज्य कर अधिकारी इंदौर वृत्त-4 पदस्थ किया गया है।

 

पंचायत मंत्री द्वारा 175 कोटवारों को साइकिलें वितरित

पंचायत मंत्री द्वारा 175 कोटवारों को साइकिलें वितरित 

मुरैना24 मार्च 08/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने मुरैना तहसील के कोटवारों को 175 साइकिलें वितरित कीं । श्री सिंह गत दिवस पोलीटेक्निक कॉलेज में कोटवारों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । इस अवसर पर मुरैना के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री अमरेश श्रीवास्तव, तहसीलदार श्री बी.पी. श्रीवास्तव, श्री कालीचरण कुशवाह, अन्त्योदय समिति के सदस्य श्री रामदुलारे, गणमान्य नागरिक और पत्रकार गण उपस्थित थे ।

श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि कहा कि हमारी सरकार कोटवारों के प्रति संवेदन शील है। उनकी हर सुविधाओं का ध्यान रखा जायेगा, क्योंकि कोटवार शासन के सूचना तंत्र होते है, जिनके माध्यम से हमें ग्रामीणस्तर की जानकारियां मिलती हैं । उन्होंने कहा कि आगे आने वाले समय में कोटवारों को अनेक सुविधायें दी जायेंगी । श्री सिंह ने एक-एक कोटवार से उनके क्षेत्र से जुडी विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा की ।

 

अम्बाह में स्वास्थ्य मेला 27 एवं 28 मार्च को लगेगा

अम्बाह में स्वास्थ्य मेला 27 एवं 28 मार्च को लगेगा

मुरैना,24 मार्च 2008- सिविल अस्पताल परिसर अम्बाह में 27 एवं 28 मार्च 2008 को सांसद स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जा रहा है । प्रात: 9 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय स्वास्थ्य मेले में बाहर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ध्दारा ह्दय रोग, चर्मरोग, क्षय रोग आदि समस्त रोगों का नि:शुल्क उपचार एवं परामर्श तथा दवाएं दी जायेगी ।

       कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. विकास चन्द्र दुबे ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है, कि वे अम्बाह में आयोजित होने वाले इस स्वास्थ्य मेले का भरपूर लाभ उठाएं ।

 

चम्बल संभाग में सवा तीन करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति वितरित

चम्बल संभाग में सवा तीन करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति वितरित

मुरैना 24 मार्च 08/ चम्बल संभाग में राज्य छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत कक्षा-1 से 10 तक के अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए वित्त वर्ष 2007-08 में 3 करोड 52 लाख 54 हजार रूपये का आवंटन प्राप्त हुआ । इसमें से माह फरवरी अंत तक 3 करोड़ 25 लाख 46 हजार रूपये की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है।

       यह जानकारी संभागायुक्त श्री विश्व मोहन उपाध्याय की अध्यक्षता में गत दिवस सम्पन्न अदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई । संभागायुक्त ने शेष 31 लाख 8 हजार रूपये की छात्रवृत्ति का वितरण वित्त वर्ष के अंत तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के उपायुक्तश्री के.डी. त्रिपाठी, मुरैना के जिला संयोजक श्री के.पी. पाण्डे और भिण्ड के जिला संयोजक श्रीमती मोहिनी श्रीवास्तव उपस्थित थे । श्योपुर के जिला संयोजक की अनुपस्थित पर संभागायुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई ।

       समीक्षा के दौरान कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना की स्थिति संतोषजनक पाई गई । संभागायुक्त ने योजना के अन्तर्गत शेष बची राशि को समर्पित करने के निर्देश दिए । अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भिंण्ड जिले में 46 प्रकरणों में 6 लाख 62 हजार रूपये, मुरैना में 266 हितग्राहियों को 16 लाख 56 हजार रूपये और श्योपुर में 45 हितग्राहियों को 5 लाख 73 हजार रूपये की राहत वितरित की गई है । गन्दी वस्ती विकास योजना की प्रगति पर संभागायुक्त ने अप्रसन्नता व्यक्त की  और मजरे टोलों के विद्युती करण हेतु मुरैना जिले को प्राप्त आवंटन का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये । उन्होने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को दिलाने पर जोर दिया ।

       आदर्श ग्राम पंचायत हेतु प्रत्येक जिले को प्राप्त एक लाख रूपये के आवंटन का उपयोग नहीं पाये जाने पर संभागायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और कलेक्टर्स को इस ओर ध्यान देने को कहा । उन्होंने कहा कि सभी स्वीकृत कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाय तथा कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार अथवा एजेन्सी के विरूध्द ब्लैक लिस्टेड अथवा वैधानिक कार्रवाई की जाय । श्री उपाध्याय ने वर्ष 2002-03 के स्वीकृत 40 कार्यों में से 33 के अपूर्ण रहने पर नाराजगी व्यक्त की और इस संबंध में आयुक्त आदिम जाति कल्याण को अवगत कराने को कहा ।

 

मंगलवार, 25 मार्च, 2008

एयरटेल फिर फेल, आटोमेटिक डिएक्टिवेट हुये मोबाइल आफिस, शिकायतें भारत सरकार तक हुयीं

एयरटेल फिर फेल, आटोमेटिक डिएक्टिवेट हुये मोबाइल आफिस, शिकायतें भारत सरकार तक हुयीं

भोपाल/ मुरैना 25 मार्च 08, उपभोक्‍ताओं के शोषण में लगी निजी कम्‍पनीयों की हालत क्‍या है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर दूसरे तीसरे रोज लड़खड़ाने वाली भारती एयरटेल की सेवाओं में कल 24 मार्च को करिश्‍माई तरीके से कुछ विशेष नंबर की सिमों से अपने आप ही मोबाइल आफिस नामक सेवायें डिएक्टिवेट हो गयीं । (अधिकतर यह नंबर वे हैं जो जागरूक उपभोक्‍ताओं के हैं और नियमित रूप से सक्रिय होकर कम्‍पनी की शिकायतें करते आये हैं ) इन उपभोक्‍ताओं द्वारा सेवायें डिएक्टिवेट कराने हेतु न तो कोई अनुरोध ही किया और न कोई एस.एम.एस. ही भेजा था, लेकिन सेवा में त्रुटि के चलते एयरटेल फेल हो जाने से उनकी सेवायें स्‍वत: निष्क्रिय हो गयीं ।    

जब उपभोक्‍ताओं द्वारा एयर टेल के कस्‍टमर केयर पर इस सम्‍बन्‍ध में शिकायतें कीं तो पहले तो कस्‍टमर केयर वाले इसका कोई संतोषजनक उत्‍तर ही नहीं दे सके । फिर भी लोगों को आश्‍वासन देते रहे आपका मोबाइल आफिस अभी आधा घण्‍टे में या फिर अन्‍य कर्मचारी ने दो घण्‍टे में तो किसी अन्‍य कर्मचारी ने इसे चार घण्‍टे में रिएक्टिवेट करने का झांसा देते रहे । लेकिन आज सुबह समाचार लिखे जाने तक मोबाइल आफिस की सुविधायें दिन और रात गुजरने के बाद भी रिएक्टिवेट नहीं हुयीं थीं ।

परेशान उपभोक्‍ताओं ने देर रात अन्‍य कम्‍पनीयों की सेवाओं के जरिये भारत सरकार के संचार मंत्रालय को एवं उपभोक्‍ता मंत्रालय को अपनी शिकायतें ई मेल द्वारा भेजीं हैं । साथ ही कम्‍पनी व सरकार को नोटिस भेजा है । अब देखना है कि सरकार इस सम्‍बन्‍ध में क्‍या कदम उठाती है ।  

ताजा जानकारी के अनुसार यह सेवायें उन नंबरों पर गड़बड़ाई गईं जिन पर कल ही रिचार्ज कराया गया । मजे की बात यह रही कि रिचार्ज से पहले चालू सेवायें रिचार्ज कराने के बाद बन्‍द यानि निष्क्रिय हो गयीं ।

जब उपभोक्‍ताओं ने इसे पुन: सक्रिय कराने के प्रयास किये तो लो बैलेन्‍स के संदेश के साथ डिनायल आफ सर्विसेज की स्थिति में एयरटेल आ गया । यह क्रम आज सुबह समाचार लिखे जाने तक जारी था । गलत और सरासर गलत संदेश (लो बैलेन्‍स) के इस प्रकार पुनरूत्‍तर में प्राप्‍त होकर डिनायल आफ सर्विसेज की इस स्थिति से अनेक उपभोक्‍ता हैरत में हैं ।  

उपभोक्‍ताओं ने बताया कि अभी उनके द्वारा भारत सरकार के दोनों सम्‍बन्धित मंत्रालयों में अपनी शिकायत जमा करा दी है , आगे सुधार न होने की दशा में न्‍यायालयीन कार्यवाही की जायेगी, तथा कम्‍पनी से हर्जाने की मांग की जायेगी ।     

 

फिर ठप्‍प हुयी एयरटेल की इण्‍टरनेट सेवायें, 20 दिनों के दरम्‍यां 13 वीं बार एयरटेल फेल

नहीं सुनी जातीं एयरटेल कस्‍टमर केयर पर उपभोक्‍ताओं की शिकायतें

भोपाल/मुरैना 20 मार्च 08, देश की आवाज बनने का दावा और उपभोक्‍ताओं को बेहतरीन सेवायें देने का दावा करने वाली देश की ऊंची दूकान भारती एयरटेल की सेवायें पिछले 20 दिनों के दरम्‍यां आज फिर 13 वीं बार फेल हो गयीं ।

लैण्‍ड लाइन और वायरलेस तथा मोबाइल के जरिये इण्‍टरनेट सेवायें मुहैया कराने के कम्‍पनी के खोले दावों की कलई इसी बात से खुलती है कि जहॉं सरकिट अनुपात 1:6 से अधिक नहीं होना चाहिये वहॉं एयर टेल का सरकिट अनुपात लगभग सौ गुना अधिक है ।

लगभग हर तीसरे दिन फेल हो जाने वाला एयरटेल का इण्‍टरनेट केवल लैण्‍ड लाइन उपभोक्‍ताओं के लिये ही समस्‍या हो ऐसा नहीं है । इस कम्‍पनी के वायरलेस और मोबाइल इण्‍टरनेट उपभोक्‍ताओं की हालत तो और अधिक खस्‍ता है ।

मोबाइल और कम्‍प्‍यूटर पर वेबसाइटों का न खुलना, कनेक्टिविटी आमतौर पर न होना पीपीपी लिंक डिस्‍कनेक्‍शन, कनेक्‍शन गति .033 से 1.2 के.बी.पी.एस. तक गिर कर कनेक्‍शन चलना एयरटेल उपभोक्‍ताओं के लिये आम बात है । आप न ई मेल भेज सकते हैं और न प्राप्‍त कर सकते हैं ।

 मजे की बात यह है कि आप कस्‍टमर केयर पर नंबर लगाते रहिये, पहले लगभग 20 मिनिट आपको ये दबाईये वो दबाईये में घुमा घुमा कर हुड़कचुल्‍लू बना दिया जायेगा उसके बाद या तो शराब में धुत्‍त कोई महानुभाव सीधे सपाट शब्‍दों में कह देंगें कि श्रीमान आपने गलत नंबर लगाया है आप 12121 लगाईये, आप कहेंगे कि हमने 12121 ही लगाया है तो वे कहेगें कि नहीं गलत है आप फिर लगाईये, आप फिर आधे घण्‍टे संघर्ष करिये और फिर या तो नंबर की घण्‍टी बज बज कर बन्‍द हो जायेगी या फिर कोई महानुभाव उभरेंगे और कहेंगें श्रीमान आपके सेट की सेटिंग गलत हैं या फिर आपके कम्‍प्‍यूटर में भारी गड़बड़ है, गोया अन्‍तर्यामी महाराज को वहीं से पता लग जाता है कि यहॉं किलोमीटरों दूर क्‍या गड़बड़ है । पठ्ठो को बताईये कि नहीं श्रीमान हम चार महीने से जिस सेटिंग पर चला रहे हैं, वही सेटिंग है, तो फिर कहेगे ठीक है आप इस नंबर को दोबारा लगाईये आपकी बात टेक्‍नीकल सेक्‍शन से होगी, वे आपकी समस्‍या समाधान करेंगे ।

आप फिर आधे घण्‍टे जूझिये फिर कोई महानुभाव या सुन्‍दरी प्रकट होगी और बोलेगी, सर हमारा नेटवर्क इस समय डाउन चल रहा है कृपया चार घण्‍टे बाद ट्राई करें ।

आप इसी तरह इन्‍तजार करते रहिये, सारा सारा दिन सारी सारी रातें यूं ही गुजारते रहिये, आपके तीन दिन बीत जायेंगे, फिर अपने आप कनेक्‍शन काम करने लगेगा । फिर एक या दो दिन कनेक्‍शन चलने के बाद इतिहास फिर अपने आपको दोहराने लगेगा ।

एयरटेल की दुर्दशा से दो चार होने वाले उपभोक्‍ताओं ने बताया कि जब ऊपर के किसी अधिकारी का नंबर मागा जायेगा तो उपलब्‍ध ही नहीं कराया जाता, ऊपर के अधिकारीयों के नंबर एयरटेल की वेबसाइट तक पर उपलब्‍ध नहीं हैं । न किसी वरिष्‍ठ अधिकारी का ई मेल पता ही पृथक से वेबसाइट पर उपलब्‍ध है , और जो कॉमन शिकायती नंबर तथा ई मेल पते या एस.एम.एस. नंबर दिये गये हैं, उन पर कभी कोई कार्यवाही नहीं होती । या तो शराब में धुत्‍त लो कस्‍टमर केयर पर बैठे उल्‍टी सीधी बातें करके ग्राहकों को मूर्ख बनाते रहते हैं या फिर झूठे वायदों और आश्‍वासन के जरिये टाइम पास करते रहते हैं ।

सबसे अधिक नुकसान उन उपभोक्‍ताओं का होता है जिन्‍होंने दस रूपये प्रति दिन या लैण्‍डलाइन के असीमित उपयोग के प्‍लान ले रखे हैं, महीने भर में वे बमुश्किल तीस दिनों में से दो या तीन दिन का औसत उपयोग कर पाते हैं, शेष समय येन केन प्रकारेण कनेक्‍शन डिस्‍टर्ब या ठप्‍प ही रहता है । लगभग साठ-सत्‍तर उपभोक्‍ताओं द्वारा हमारे कार्यालय में की शिकायत में बताया है कि उनका मासिक प्रभार या दैनिक प्रभार तो नियमित रूप से एयरटेल द्वारा वसूला जाता है लेकिन सेवाये केवल वायदे और वसूली के विरूद्ध महज दस फीसदी ही दी जातीं हैं ।

भारत सरकार द्वारा, नामी कम्‍पनीयों की सेवाओं की नियमित व गुप्‍त जॉंच न किये जाने से देश में संचार कम्‍पनीयों द्वारा किये जा रहे उपभोक्‍ताओं के भारी शोषण और ठगी को रोके जाने की अभी तक कोई कारगर व्‍यवस्‍था नहीं हैं । इन कम्‍पनीयों के खिलाफ शिकायत किये जाने का कोई भी कारगर ऑन लाइन चैनल अभी तक उपलब्‍ध नहीं है ।   

रविवार, 23 मार्च, 2008

जॉब कार्ड का वितरण तत्परता से करायें

जॉब कार्ड का वितरण तत्परता से करायें

मुरैना 21 मार्च 08/ राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम म.प्र. के तहत मुरैना जिले में 3 लाख 3 हजार 388 जॉव कार्ड का वितरण होना है । अभी तक ढाई लाख जॉव कार्ड बन चुके हैं । समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को 24 मार्च तक जॉव कार्ड का वितरण तत्परता से कराये जाने के निर्देश दिये गये है ।

       मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय वर्मा ने योजना के क्रियान्वयन में जनपद स्तर की कार्रर्वाई पर असंतोष व्यक्त किया है और जॉव कार्ड के वितरण के साथ ही ग्राम पंचायत के माध्यम से 5 लाख रूपये तक तथा जनपद स्तर से 10 लाख रूपये तक के कार्यो  की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कराने के निर्देश दिए है । उन्होंने कहा कि  स्वीकृत कार्यों की सूची ग्राम पंचायत तथा ग्राम सभा आयोजन स्थलों पर लिखवाई जाय । प्रत्येक ग्राम में पांच सामुदायिक और 25 हितग्राही मूलक कार्य अनिवार्य रूप से चालू कराये जांय ।

 

विद्युत बिल का बकाया जमा करने में भारी छूट

विद्युत बिल का बकाया जमा करने में भारी छूट

मुरैना 21 मार्च 08/ शासन द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने वावत भारी छूट का ऐलान किया गया है । इस विशेष राहत योजना के तहत 10 अश्व शक्ति की पम्प क्षमता वाला कोई भी कृषक उपभोक्ता 31 मई तक अपने बिल का भुगतान करने पर बिल में लगी सम्पूर्ण सरचार्ज राशि की माफी पा सकेगा । इसके अतिरिक्त मूल राशि का 50 प्रतिशत शासन जमा करेगा और उपभोक्ता को मात्र 50 प्रतिशत का ही भुगतान करना होगा । कम्पनी द्वारा भी 31 मार्च तक बिल जमा करने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है । कार्यपालन यंत्री श्री जे.के.एस.राठौर के अनुसार बिलों के भुगतान हेतु सभी विद्युत वितरण केन्द्रों पर काउण्टर खोले गये हैं ।  कैश काउण्टर 22 मार्च को छोड़कर शेष सभी अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे ।

       उल्लेखनीय है कि ग्राम मवे का पुरा के कृषक उपभोक्ता श्री नाथूराम ने 20 मार्च को पोरसा वितरण केन्द्र पर 3 लाख 3 हजार 8 रूपये के बकाया बिल में से 75 हजार 996 रूपये जमा कर योजना का लाभ उठाया । इनके बिल से 1 लाख 48 हजार 316 रूपये का सरचार्ज और शासन द्वारा देय 75 हजार 996 रूपये कुल 2 लाख 24 हजार 312 रूपये की राशि माफ की गई